
यह भी चिट्ठाकार असम्मेलन स्थल पर लिया गया।पृष्ठ के उपर में मेरी गंदी लिखावट में लिखा शीर्षक सुनील ने सरसरी निगाह से देखा और लिख डाला - बेस्ट विशेज्।
सुवर्णरेखा, गंडक, यमुना, दामोदर, नर्मदा, ब्राह्मणी, शिप्रा, कावेरी नदियों की खुशबू एक साथ़!
यदि कल के दिन को शानदार कहें, को आज का दिन( दूसरा और आखिरी दिन) भी कोई कम नहीं था। अब तक लोग एक दूसरे को भी काफी कुछ जान चुके थे। कल शाम की सागरतट पर हुई दावत भी कुछ शानदार ही रही होगी क्योंकि सवेरे का कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी ढीली ढाली ही थी। पर रफ्तार पकड़ते देर नहीं लगी। तकनीकी सत्र वीडियो ब्लागिंग को लेके आगे बढने लगा। अब तक लोग छोटे छोटे गुटों में चर्चा करते अलग अलग कोनों में दिखने लगे।लगा, एक नहीं सौ कार्यक्रम साथ साथ चल रहे हैं। राजेश शेटटी, जो कि अमरीका में रह रहे एक उद्धमी है, और जिन्होने लाईफ बियोंड कोड नाम कि किताब भी लिखी है, सुबह मे विश्व भर के लोगों कि लिए लिखने के बारे में अपने विचार प्रकट करते हुए दिखलाई पड़े। तकनीकी सत्र में, जो समानांतर चल रहा था, वहाँ लोग सर्च इंजिन औपटिमाईजेशन पर ७०-७५ लोग गोष्ठी मे तल्लीन थे, पर मैं यहाँ जरा देर से पहुँचा।










जैसा कि मैने अपने पिछले पोस्ट में ईंगित किया है, चिटठाकारों का असम्मेलन की ज्ञाननगरी चेन्नई के मे ९ और १० सितम्बर को आयोजित हो रहा है। आज सवेरे इस असम्मेलन की शुरुआत हुई। १५० से अधिक चिटठाकार इसमें भारत एवं विदेश के अलग अलग शहरों से पूर जोश के साथ उपस्थित है। इस आयोजन का प्रसारण अंतरजाल पर हो रहा है। अधिक जानकारी के लिए www.blogcamp.in से प्राप्त की जा सकती है। कल यहाँ सुनील गावस्कर के आगमन का भी ईंतजार है। भारतीय भाषाओं में चिटठाकारी में उत्सुकता देखते हुए मैने प्रतिनिधियों को अक्षरग्राम से अवगत भी किया ।आयोजनस्थल से कुछ चित्र प्रेषित कर रहा हूँ। मैं समय मिलते ही फिर नया सवांद प्रेषित करुंगा।