शुक्रवार, मई 25, 2007

आपके ब्लाग का गूगल पेजरैंक देखने का सरल तरीका

पेजरैंक गूगलदेव का वो तरीका है, जिसके आधार पर गूगल देव ये तय करते हैं कि आपका जालपृष्ठ या चिट्ठा किसी गूगल खोज में कितना उपर या नीचे आता है। ये ०-९ के स्केल पर तय किया जाता है और ये रैंकिंग कुछ सप्ताह के अंतराल पर तय होती है।
शुरुआत मेः यदि आपका जालपृष्ठ या चिट्ठा नया है तो पहली बार का पेजरैंक प्राप्त होने में कुछ महीने भी लग सकते हैं।
क्या देखकर पेजरैंक तय होता है? गूगलदेव की पूरी महीमा तो जग जाहिर है पर पूरी कुंजी सर्वविदित नहीं है। आप ये मान के चल सकते हैं कि काफी हद तक पेजरैंक बैकलिंक के आधार पर तय होता है। यानि कि कितने अन्य जालपृष्ठों या चिट्ठों से आप के जालपृष्ठ या चिट्ठे को लिंक मिली हुइ है। यदि आप तुरत फुरत में ये जाँचना चाहें तो गूगल में इस प्रकार से खोजें link:narad.akshargram.com।या फिर उदाहरण के लिए यहाँ क्लिक करें । चूकि ये जानकारी भी समय समय पर ही अपडेट होती है तो हो सकता है कि कुछ हाल की बैकलिंक्स यहाँ ना दिखे।और हाँ, यदि आपकी साइट या ब्लाग को आपसे अधिक पेजरैंक वाले साइट या ब्लाग से बैकलिंक या ब्लागरोल पर स्थान मिला है, तो ये आपके फायदे मे जाता है।
आगे चलते हैं: यदि आप अपने जालपृष्ठ या चिट्ठे का पेजरैंक चेखना चाहें तो यहाँ दिये गये औजार का प्रयोग करें।
तो कैसे बढाएँ अपने बैकलिंकः बैकलिंक बढाने का सबसे जानदार तरीका ये है कि अपने चिटठे से दूसरों को लिंक देवे। जब लोग आपके चिट्ठे या पृष्ठ को देखेंगे तो आपको भी लिंक मिलेगी। (हाँ कभी कभार एक आध प्यार भरी घुढकी देने की जरुरत पड़ सकती है!)। आप अपने ब्लाग पर एक ब्लागरोल जरुर बनाएँ और दूसरों को स्थान दे।
यदि पाठकगण चाहेंगे तो आने वाले आलेखों में हम इससे जुड़े कुछ और बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे।
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7 टिप्‍पणियां:

काकेश ने कहा…

ये तो बड़े काम की बात बतायी आपने ...

हरिराम ने कहा…

ऐसा उपयोग ज्ञान-दान निरन्तर जारी रखें। अग्रिम धन्यवाद!

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया ज्ञान दिया महाराज.

उन्मुक्त ने कहा…

अच्छी जानकारी है।

Sanjeet Tripathi ने कहा…

शुक्रिया इस अच्छी जानकारी के लिए

Raman Kaul ने कहा…

बढ़िया जानकारी है। पर गूगल पेजरैंक देखने का यह तरीका तब प्रयोग करने की आवश्यकता है, यदि आप के पास गूगल टूलबार न हो। गूगल टूलबार में पेजरैंक का बटन है जो ब्राउज़र में दिख रही साइट का पेजरैंक बताता है। कई बार गूगल टूलबार में सेटिंग्स में जा कर यह बटन सक्रिय करना होता है।

Rajesh Kumar ने कहा…

@काकेश, हरिराम, राजेश, संजीत, समीर, उन्मुक्त और रमण जी -हम आगे भी जारी रखेंगे इस श्रिंखला को।
रमण जी, ये ब्लाग आप के कारण ही चल रहा है, सारे पोस्ट यूनिनागरी पर टंकित हैं। कृपया इसी प्रकार प्रकाश दिखाते रहें।